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गले से लगा लो मेरे कन्हैया🙏

 गले से लगा लो अब मेरे कन्हैया  बीच मजेदार में खड़ी हूं  अब तो पर लगा दो मेरी नैया।। मैं कबसे प्यासी बैठी राहों में गिरधर के थोड़ा ही सही मगर अपने करीब तो बुलालो कन्हैया।।  न रूठों मुझसे न इतनी मुझे सजा दो बस इतनी कृपा करदो मेरा घर अपने चरण में बसा दो कन्हैया।।🙏🙏
  तुझसे विरह के दिन हैं ये  शायद ये भी निकल जायेंगे शरीर मेरा पर प्राण तेरे हैं  मगर एक दिन वो भी निकल जायेंगे तेरी एक झलक की खातिर मैने सबको त्याग दिया तुझे पाते पाते शायद हम एक दिन ढल जाएंगे तू न भी मिले तो कोई ग़म नहीं  मगर जाते जाते कण कण में तेरा नाम लिख जाएंगे राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा  🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

प्रेम और काम

 मनुष्य के शरीर में सबसे सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा काम की शक्ति है। काम से नफरत नहीं करनी है काम के प्रति घृणा नहीं करनी है काम को जीवन मैं स्वीकार करना है। सबसे बड़ी ऊर्जा काम की शक्ति होती है। जिससे मनुष्य जीव पैदा करता है। काम की शक्ति के माध्यम से ही परमात्मा मनुष्य को जन्म देने के काबिल बनाता है। काम ही वह शक्ति है जिससे मनुष्य जीव को पैदा करता है।  संभोग ही वह समय होता है जब मनुष्य परमात्मा के बहुत निकट होता है। मनुष्य जब अपनी पत्नी के साथ उस अनुभूति को महसूस कर लेता है तब उसकी तृप्ति खत्म हो जाती है और उसकी संभोग से रुचि खत्म होने लगती है। पुरुष जब अपनी पत्नी के साथ उसे स्थिति को महसूस कर लेता है उसकी तृप्ति जब खत्म हो जाती है तब उसे दुनिया की सारी स्त्रियां मां और बहन जैसी नजर आने लगते हैं। उस वक्त पति और पत्नी का प्रेम आध्यात्मिक तल पर पहुंच जाता है।  मनुष्य की सबसे बड़ी ऊर्जा काम है ।काम से नफरत नहीं करनी है काम को पवित्र मानना है , उसे स्वीकार करना है।।यह वही ऊर्जा है जिससे जीव पैदा होते हैं।यह वही ऊर्जा है जिसके द्वारा परमात्मा मनुष्य को जन्म देने के काबिल बनाते हैं ।...

मेडिटेशन की शिक्षा की भारत में जरूरत

 मेडिटेशन को शिक्षा नीति में शामिल करना चाहिए। मेडिटेशन को 13 वर्ष की उम्र से लेकर ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएट कोई भी किसी भी प्रकार की डिग्री या डिप्लोमा हर कोर्स में कॉलेज में विद्यालय में यूनिवर्सिटी में स्कूल में मेडिटेशन को शामिल करना चाहिए। स्कूल में विश्वविद्यालय के सिलेबस में मेडिटेशन को एक कोर्स के तौर पर रखना चाहिए उसकी क्लास होनी चाहिए।  देश को अंदाजा भी नहीं होगा लेकिन मेडिटेशन को शिक्षा नीति में शामिल करने के बाद कुछ सालों के बाद बहुत अच्छे परिणाम सामने आएंगे। मेडिटेशन को शिक्षा नीति में कंपलसरी कोर्स बना देना चाहिए। 13 वर्ष की उम्र वाले बच्चों से लेकर ग्रेजुएशन के बच्चों तक मेडिटेशन की कक्षा को अनिवार्य कर देना चाहिए। मेडिटेशन की शिक्षा के लिए प्रशिक्षण होने चाहिए।  माता-पिता माता-पिता को घर में ही जब बच्चा बड़ा होने लगता है 12 वर्ष के बाद बच्चे को कम से कम दिन में 24 घंटे में एक घंटा मौन रहने के लिए कहना चाहिए। दिनचर्या में मेडिटेशन को कम से कम एक घंटा के लिए शामिल करना चाहिए जिससे कि व्यक्ति खुद के चित्त को साध पाए।  आने वाले कुछ समय के बाद देश में एक ब...