तुझसे विरह के दिन हैं ये 

शायद ये भी निकल जायेंगे

शरीर मेरा पर प्राण तेरे हैं 

मगर एक दिन वो भी निकल जायेंगे

तेरी एक झलक की खातिर मैने सबको त्याग दिया

तुझे पाते पाते शायद हम एक दिन ढल जाएंगे

तू न भी मिले तो कोई ग़म नहीं 

मगर जाते जाते कण कण में तेरा नाम लिख जाएंगे

राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा 

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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