ये कैसी आशिकी सेल्फ कंपोज्ड सॉन्ग

आप आए इस कदर हमारी राहों में,
मीलों फासले थे फिर भी दरमियां!
कैसा वह वक्त था कैसा वो जहां था,
चाहत थी तू मेरी और एक अधूरा सपना,
अपनी दुनिया उजाड़ कर
सुनसान बना दिया मेरे संसार को,
तू कैसा हमनवाब था
जो आता था मेरे ख्वाबों में!!

फूलों की जैसे महकता था वो,
जुगनू की तरह चमकता था वो !
पास आते आते मेरे वो मुझसे दूर हो गया,
तू कैसा हमनशी था
जो रहता था मेरे खयालों में!!

मिट्टी की रेट की तरह वो फैला था मेरे जिस्म में,
बारिश की बूंदों की तरह डूबा था मेरे इश्क में!
मेरी राहों को सजाते सजाते
वो खुद की राहों में कहीं खो गया,
तू कैसा हमदर्द था
जो दर्द सहता था मेरे दर्द में!!

पहाड़ों की शांति में अब दिखता है वो,
हजारों तारों में अब चमकता है वो!
मुझे चाहते चाहते एक दिन
वो खुद में मर गया,
तू कैसा हमसफर था
 जो आ न सका कभी मेरे जीवन में!!


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