मैं फिर भी तुमको चाहूंगी (सेल्फ कंपोज्ड सॉन्ग)
जब से है जाना तुम्हें मैंने,
दर्द से दामन भीग गया,
भीड़ में तो मिलते हैं बहुत,
मैंने तो बस तुम्हें माना है,
है जुनून मुझे बस तेरा,
है उम्मीद तुम्हें पाने की,
चाहा तो बहुत तुम्हें छोड़ भी दो,
दर्द है इतना कि दिल तोड़ भी दूं,
हाथों में लेके हाथ तेरा,
मैं हरदम साथ निभाऊंगी!
मैं फिर भी तुमको चाहूंगी
मैं फिर भी तुमको चाहूंगी
इस चाहत में मर जाऊंगी
मैं फिर भी तुमको चाहूंगी!!
दर्द से दामन भीग गया,
भीड़ में तो मिलते हैं बहुत,
मैंने तो बस तुम्हें माना है,
है जुनून मुझे बस तेरा,
है उम्मीद तुम्हें पाने की,
चाहा तो बहुत तुम्हें छोड़ भी दो,
दर्द है इतना कि दिल तोड़ भी दूं,
हाथों में लेके हाथ तेरा,
मैं हरदम साथ निभाऊंगी!
मैं फिर भी तुमको चाहूंगी
मैं फिर भी तुमको चाहूंगी
इस चाहत में मर जाऊंगी
मैं फिर भी तुमको चाहूंगी!!
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