हां मैंने भी एक ख्वाब देखा है
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है
जिंदगी और मौत से लड़ते
मैंने एक जान को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
पत्थर पर चढ़ते भोग
और एक रोटी को तड़पते इंसान को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
वैसे तो हम भी जीवन से खुश नहीं
पर हमारे जैसे जीवन का उनका
मैंने एक अरमान देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
महलों में रहते उनकी जिद्द पूरी होते
पर गरीबों के मिटते
मैंने उनके जज़्बात को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
सच कहा है किसीने
गरीब का कोई दोस्त नहीं होता
पर उसको सहारा देने वाले
इंसानी रूप मे मैने
उस भगवान को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
बहुत शांति की दुनिया होती है उनकी
ना पार्टी की चिंता ना कोई भ्रमण
बस एक रोटी का खयाल होता है
सर्दी मे ठिठुरते गर्मी में तपते
मैंने उनके संसार को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
जिंदगी और मौत से लड़ते
मैंने एक जान को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
पत्थर पर चढ़ते भोग
और एक रोटी को तड़पते इंसान को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
वैसे तो हम भी जीवन से खुश नहीं
पर हमारे जैसे जीवन का उनका
मैंने एक अरमान देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
महलों में रहते उनकी जिद्द पूरी होते
पर गरीबों के मिटते
मैंने उनके जज़्बात को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
सच कहा है किसीने
गरीब का कोई दोस्त नहीं होता
पर उसको सहारा देने वाले
इंसानी रूप मे मैने
उस भगवान को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
बहुत शांति की दुनिया होती है उनकी
ना पार्टी की चिंता ना कोई भ्रमण
बस एक रोटी का खयाल होता है
सर्दी मे ठिठुरते गर्मी में तपते
मैंने उनके संसार को देखा है!
हाँ मैंने भी एक ख्वाब देखा है!!
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