मेरे रहनुमा जीयुं कैसे अब तेरे बिना

मेरे रहनुमा जियुं कैसे अब तेरे बिना,
खामोशी के लिए उन अनजान राहों में ,
क्या किया तूने मेरे बिना,
बता दे जरा तू दिलबर मेरे!

ये नहीं सोचा कि कोई नहीं,
मेरा यहां तेरे सिवा,
बरसों बीत गए अकेले तन्हा यहां,
तेरी राह तकते तकते ज़ख्म मिले जहां!

तुझको सवार कर रखा अपने दिल में,
जहां देखो दुख भरा आलम था वहां,
क्या किया तूने मेरे बिना बता दे तू दिलबर मेरे!

एक नई दास्तान लेकर लौटा है वो आज आज भी मेरे बिना आज भी मेरे बिना बेचैन है वो,
चला गया था जब कहीं दूर तू अकेले!
चीरकर नफरत की दीवारों को,
एक बार फिर से अपनी दस्तक दे गया तू!!


Comments

Popular posts from this blog

मैं फिर भी तुमको चाहूंगी (सेल्फ कंपोज्ड सॉन्ग)

मेडिटेशन की शिक्षा की भारत में जरूरत

ये कैसी आशिकी सेल्फ कंपोज्ड सॉन्ग