हजारों सालों से पीड़ित लोगों के लिए आरक्षण एक अधिकार

दिनांक 10 अप्रैल 2018 आरक्षण हटाओ आंदोलन में संविधान निर्माता की मूर्ति पर प्रहार किया गया! मूर्ति के सर व पैर हाथों को तोड़ दिया गया! उनके वेशभूषा कर रंग भगवा रंग कर दिया गया ! यह एक कपड़ों में परिवर्तन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक परिवर्तन दिखाई देता है! 

आरक्षण पूरे देश का बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है ! आरक्षण की व्यवस्था को बनाने के पीछे कुछ मुख्य कारण रहे हैं! आरक्षण बाकी पिछड़े लोगों को बराबरी पर लाने के लिए रखा गया था, समानता लाने के लिए रखा गया था!

यह व्यवस्था पिछड़े लोगों को बराबरी पर लाने के लिए रखी गई ,पर आज तक बहुत सारे लोग पिछड़े जाति के ऐसे हैं जो आरक्षण का उपयोग तक नहीं कर पाते हैं ! क्योंकि वे जागरूक ही नहीं है ,उनके पास धन नहीं है, संसाधनों की कमी है , वह आरक्षण के फायदों से जागरूक ही नहीं है!

आरक्षण को लेकर संविधान सभा की बहस में डॉक्टर अंबेडकर के कोई भी सहमत में नहीं था! बाबा साहेब ने देश में सामाजिक धार्मिक पारंपरिक भारत पीड़ितों से शिकार लोगों के लिए लोकतांत्रिक पिता जब तक दिया किसी के पास उसका ठोस प्रतिकार नहीं था!

उदाहरण के लिए एक परिवार में 2 सदस्य हैं एक बालक जो स्वस्थ है तथा एक बालक अपाहिज है, तो स्वस्थ बालक तथा अपाहिज बालक दोनों को एक जैसी सुविधाएं देना न्याय नहीं है! बल्कि स्वस्थ बालक के तुलना में अपाहिज बालक को ज्यादा सुविधाएं देना न्याय कहलायेगा! 

अर्थात समानता न्याय नहीं है! आरक्षण की व्यवस्था भी कुछ इस आधार पर रखी गई जो पीड़ित लोग हजारों सालों से अपने अधिकारों से वंचित रहे हैं उनको सबक लोगों के बराबरी पर लाने के लिए यह व्यवस्था रखी गई!

 आरक्षण का देश में कायम रहना बहुत आवश्यक है, ताकि वह लोग जो इस आरक्षण का उपयोग करके और अपने दम पर आगे निकल गए हैं ,एक अच्छी प्रसिद्धि पा चुके हैं ,वह लोग अपने समाज, जो पिछड़ा हुआ है ,जो आरक्षण का उपयोग नहीं कर सका है ,उन लोगों को सहारा दे सके, उनको उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सके! 

पीड़ित लोगों के लिए एक उनका समाज ही है जो उनको आगे लाने में मदद कर सकता है! अन्य समाज उनके विकास में मदद नहीं कर सकता ,क्योंकि अगर ऐसा होता तो हजार सालों से चल रहा उत्पीड़न में पीड़ित समाज को उत्पीड़न से बाहर निकालने में कोई अन्य समाज का व्यक्ति भी होता! क्यों यह उत्पीड़न इतने सालों तक चलता रहा? क्यों इतने सालों में एक ऐसा  व्यक्ति नहीं था जो इस उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाता, क्यों उत्पीड़न  को खत्म करने के लिए एकमात्र डॉक्टर अंबेडकर को जन्म लेना पड़ा उनसे पहले क्यों कोई व्यक्ति नहीं था?

इसलिए आरक्षण का देश में कायम रहना बहुत आवश्यक है! ताकि वह लोग जिनको यह विशेषाधिकार मिलता है, जो इसका उपयोग करते हैं! उनके कारण वे अपने समाज के लिए कर पाए ,उनके विकास में हाथ आगे बढ़ा पाए ,उनको पढ़ाई के प्रति तथा उनको दिए गए विशेषाधिकार के प्रति जागरूक कर पाए! क्योंकि पीड़ित लोग ,मजदूर , किसान, फुटपाथ पर रह कर अपना जीवन यापन करने वाले न जाने कितने गरीब,  अनुसूचित जाति, अनुसूचित  जनजाति के लोगों के लिए एक उनका समाज ही होगा जो भविष्य में और वर्तमान में उनके लिए ,उनके विकास के लिए सोचेगा! अन्यथा कोई उन गरीब पीड़ित, उत्पीड़न वाले लोगों के बारे में सोचना तो दूर बल्कि आरक्षण को खत्म करने का मुद्दा देश में लगातार चलता रहेगा!

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