मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!
मोड़ लेते हैं अक्सर पीछे कदम जो लोग,
उन राहों से मैंने गुजरना सीखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सिखा है!!
सुनता है जो हजारों की,
वह कमजोर नहीं बड़ा दिल वाला होता है!
पर मैंने अक्सर शांत इंसान को,
नाम कमाते देखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
सोचते हैं जो लोग,
झुकना नीचता की निशानी है!
पर मैंने मेरे भगवान से,
झुकना सीखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
बहुत है ऐसे लोग,
जो अपनों को समझते हैं सिर्फ अपना!
पर मैंने हर बेगाने को,
अपना बनाना सीखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
कर सकती अगर मैं पार उस समंदर को,
तू खुद को उससे भिगाने से बच जाती!
पर मैंने उस समंदर के पीर को,
समझना सीखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
कहते हैं जो मां बाप,
बेटी फोन लेकर क्या करेगी,
पर मैंने उनके बेटों को अक्सर,
फोन मिस यूज करते देखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
सोचती है जो मां की बेटा देगा उसका साथ,
पर मैंने वहां बेटी को बेटा बनते देखा है!
देखा जाता है पाप जब समाज में,
दबोचा जाता है जब सत्य को उस भीड़ में,
पर मैंने उस भीड़ से हटकर,
आवाज उठाना सीखा है !
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
साडे तीन अक्षर का जो,
एक नाम खास है!
जुबान पर सभी के ,
जिसका नाम विश्वास है,
मैंने उस विश्वास में भगवान को देखा है!
सोचती हैं जो पापी,
इस धरती पर ईश्वर का हाथ नहीं,
सोचते हैं जो लोग,
इस धरती पर ईश्वर का निशान नहीं,
पर मैंने इस प्रकृति को,
स्थिर रहते देखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
सोचते हैं जो लोग,
विज्ञान बिना भगवान नहीं!
पर मैंने मां के पेट में पल रहे शरीर में,
उस आत्मा को आते देखा है!
हार मान लेते हैं जो लोग,
अपनी मंजिल पाने को,
पर मैंने लोगों को,
गिर गिर कर संभलते देखा है!
मदद वह नहीं जो लोग ,
सिर्फ अपने मित्रों की करते हैं!
पर मैंने सभी बेगानों की,
मदद करना सीखा है!
कहते हैं जो लोग आपकी खुशी के लिए हार मान ले,
आप उससे कभी जीत नहीं सकते,
पर मैं नहीं हर उस हारने वाले को,
जीतते हुए देखा है!
किस्मत वो नहीं जो लोग,
सोच कर हार मान लेते!
पर मैंने अक्सर परिंदों को,
आसमान छूते देखा है!
मैं नहीं जानती लोग क्या कहेंगे,
पर मैंने आगे बढ़ना सीखा है!!
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