कब से बैठा है तू अब मान भी जा जरा

कब से रूठा बैठा है तू,
अब मान भी जा जरा,
कब से मुझसे खफा है तू,
थोड़ा मुस्कुरा दे अब जरा!

चांद की तरह रोशन रहता है तू मेरे दिल में,
मैं कितना बेबस हूं जान मेरी अब देख तो जरा!
मेरे रहनुमा रिश्ता है बड़ा तेरा और मेरा,
तू ना रहे खफा पहले से तू हो चुका है मेरा!!

इस बंजर दिल में बसते हो तुम,
इन तन्हा ख्वाबों में रोज आते हो तुम!
मैं आना तो चाहूं तेरे पास मगर,
एक बार तू आकर मेरे पास मेरा हाल जान ले जरा!
मेरे रहनुमा रिश्ता है बड़ा तेरा और मेरा,
तू ना रहे खफा  पहले से तू हो चुका है मेरा!!

इस बेबस दिल की धड़कन हो तुम,
इस बेनाम जिंदगी की जरूरत हो तुम,
खुदा से भी छीना था तुझको मैंने,
फिर मुझे छोड़ते वक्त तुझे मेरा ख्याल तो आया होगा जरा!!



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